चोट से जूझने के बाद छलका मयंक यादव का दर्द, बोले- 22-23 साल की उम्र में सब सहना आसान नहीं था
करीब दो साल तक चोट से जूझने के बाद भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार वापसी की। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 के बाद उन्होंने बताया कि लगातार चोटों ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया, लेकिन देश के लिए खेलने का सपना उन्हें आगे बढ़ाता रहा।

Mayank Yadav Celebrates Wicket During India vs Zimbabwe T20
करीब दो साल बाद टीम इंडिया में की वापसी
भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार टीम इंडिया के लिए मैदान पर वापसी की। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 18 रन देकर दो विकेट लिए और भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
मैच के बाद मयंक ने अपने संघर्ष और चोट से उबरने के सफर को लेकर खुलकर बात की।
‘22-23 साल की उम्र में इतना सब झेलना आसान नहीं था’
पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में मयंक यादव ने कहा कि लगातार चोटों के कारण क्रिकेट से दूर रहना उनके लिए मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
उन्होंने कहा, “करीब दो साल का अंतराल मेरे लिए बहुत कठिन था। उस समय मेरी उम्र सिर्फ 22-23 साल थी। इतनी कम उम्र में इस तरह की मुश्किलों से गुजरना आसान नहीं था और इसका मानसिक असर भी पड़ा।”
हालांकि उन्होंने कहा कि भारत के लिए खेलने का सपना हमेशा उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बना रहा।
‘देश के लिए खेलना ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा थी’
मयंक ने कहा कि हर क्रिकेटर की तरह उनका भी बचपन से सपना भारत का प्रतिनिधित्व करना था। इसी सपने ने उन्हें रिहैबिलिटेशन के दौरान लगातार मेहनत करने और वापसी के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ फिट होकर टीम इंडिया में लौटना और अच्छा प्रदर्शन करना था।
हरारे की पिच ने तेज गेंदबाजों का किया साथ
मयंक यादव ने हरारे की परिस्थितियों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से बताया गया था कि जिम्बाब्वे की पिचें तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती हैं और मैच के दौरान उन्हें इसका फायदा भी मिला।
उनके मुताबिक विकेट से मिल रही अतिरिक्त उछाल और गति ने उन्हें अपनी गेंदबाजी प्रभावी बनाने में मदद की।
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के हुए मुरीद
मयंक यादव ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में जिस तरह वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह बेहद खास है।
मयंक ने कहा, “उनकी बल्लेबाजी अविश्वसनीय है। आईपीएल में जब हम उनके खिलाफ खेले थे, तब भी उन्होंने शानदार शॉट लगाए थे। 15 साल की उम्र में ऐसा टैलेंट बहुत कम देखने को मिलता है। मुझे लगता है कि वह भविष्य में बहुत आगे जाएंगे।”



