तीन मैच बाद टीम से बाहर हुए वैभव सूर्यवंशी ने दिया करारा जवाब, 18 गेंदों में जड़ा तूफानी अर्धशतक
इंग्लैंड दौरे पर तीन पारियों के बाद टीम से बाहर किए गए 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए सिर्फ 18 गेंदों में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ दिया। उनकी विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।

Vaibhav Sooryavanshi Celebrates Fastest Fifty at Harare
टीम से बाहर होने के बाद दमदार वापसी
महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले वैभव सूर्यवंशी ने टीम से बाहर किए जाने का जवाब बल्ले से दिया। इंग्लैंड दौरे पर लगातार तीन पारियों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया था। हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ वापसी का मौका मिलते ही उन्होंने शानदार बल्लेबाजी से आलोचकों को जवाब दे दिया।
18 गेंदों में जड़ा पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में 126 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। शुरुआती कुछ गेंदों पर तेज उछाल और गति से जूझने के बाद उन्होंने शानदार शॉट्स लगाए और सिर्फ 18 गेंदों में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा कर लिया।
यह उनकी अब तक की सबसे यादगार अंतरराष्ट्रीय पारियों में से एक रही।
तेज गेंदबाजों पर जमकर बरसे
जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड नगरवा ने शुरुआत में वैभव की परीक्षा लेने की कोशिश की। लेकिन एक बार लय मिलने के बाद युवा बल्लेबाज ने कवर ड्राइव, पुल और सीधे मैदान के ऊपर लगाए गए शॉट्स से तेज गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
मुजरबानी जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज के खिलाफ भी वैभव ने कई आकर्षक चौके और छक्के लगाए, जिससे भारतीय टीम की जीत आसान हो गई।
इंग्लैंड दौरे की गलतियों से लिया सबक
इंग्लैंड दौरे पर अतिरिक्त उछाल वाली पिचों पर वैभव सूर्यवंशी को शॉर्ट गेंदों के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन हरारे में उन्होंने संयम और बेहतर तकनीक का परिचय दिया। शुरुआती चुनौती के बाद उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए अपनी पारी को शानदार अंदाज में आगे बढ़ाया।
भारत ने आसानी से हासिल किया लक्ष्य
इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की टीम को 125 रन पर समेट दिया था। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी की तेजतर्रार पारी ने भारत की जीत की नींव रखी और टीम ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।




