राजस्थान में CLG नियमों में बड़ा बदलाव, अब राजनीतिक दलों के सदस्य भी बन सकेंगे पुलिस के सामुदायिक समूह का हिस्सा
राजस्थान सरकार ने पुलिस की कम्युनिटी लायजनिंग ग्रुप (CLG) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब राजनीतिक दलों के सदस्य भी CLG का हिस्सा बन सकेंगे। सरकार के इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।

Rajasthan Police Community Liaison Group Meeting
राजस्थान सरकार ने बदले CLG के नियम
राजस्थान की भाजपा सरकार ने पुलिस की कम्युनिटी लायजनिंग ग्रुप (Community Liaisoning Group-CLG) से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। राज्य के गृह विभाग ने 19 जुलाई को जारी अधिसूचना के जरिए राजस्थान पुलिस नियम, 2008 में संशोधन करते हुए उस प्रावधान को हटा दिया है, जिसके तहत किसी राजनीतिक दल या उसके सहयोगी संगठन से जुड़े व्यक्ति को CLG का सदस्य बनने से रोका गया था।
इस बदलाव के बाद अब राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी CLG में शामिल हो सकेंगे।
क्या होता है CLG?
कम्युनिटी लायजनिंग ग्रुप (CLG) पुलिस और आम नागरिकों के बीच समन्वय स्थापित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। इसके सदस्य स्थानीय स्तर पर पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपराधिक गतिविधियों की जानकारी देने, अपराध रोकने और सामुदायिक विवादों के समाधान में सहयोग करते हैं।
इसके अलावा धार्मिक आयोजनों, जुलूसों, सामाजिक कार्यक्रमों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी CLG पुलिस की सहायता करता है। यह पूरी तरह मानद (Honorary) व्यवस्था होती है और सदस्यों को इसके लिए कोई वेतन नहीं दिया जाता।
विपक्ष ने फैसले पर उठाए सवाल
सरकार के इस निर्णय पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न संस्थाओं में अपने राजनीतिक कार्यकर्ताओं को शामिल करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि CLG जैसे समूहों पर आम लोगों का भरोसा होता है और यदि इनमें राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ता है तो उनकी निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को उचित मंच पर उठाएगी।
किन लोगों पर अब भी रोक रहेगी?
हालांकि नियमों में बदलाव के बाद राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के लिए रास्ता खुल गया है, लेकिन कुछ श्रेणियों के लोगों पर अब भी CLG सदस्य बनने की रोक जारी रहेगी। इनमें—
- किसी अदालत से दोषी ठहराए गए व्यक्ति
- जिनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो या मुकदमा लंबित हो
- आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने का संदेह
- अपराधियों से संबंध रखने वाले व्यक्ति
- भूमि विवाद या गंभीर कानूनी विवादों में शामिल लोग
राजस्थान में कितने हैं CLG सदस्य?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में वर्तमान में 75,265 CLG सदस्य विभिन्न स्तरों पर कार्यरत हैं। इनमें पुलिस थाना, बीट, पंचायत और वार्ड स्तर की समितियां शामिल हैं। सबसे अधिक सदस्य अजमेर और उदयपुर रेंज में हैं।
कैसे चुने जाते हैं CLG सदस्य?
राजस्थान पुलिस नियमों के अनुसार, CLG सदस्यों की नियुक्ति जिला पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा संबंधित थाना प्रभारी और सर्किल अधिकारी की अनुशंसा पर की जाती है। सदस्य उसी क्षेत्र का निवासी होना चाहिए, उसकी सामाजिक छवि अच्छी होनी चाहिए और समिति में महिलाओं, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के प्रतिनिधित्व का भी प्रावधान रखा गया है।




